World Hearing Day: सुनने की क्षमता को कम करती है आपकी ये आदतें, भूलकर भी ना करे ये गलती

हर साल 3 मार्च को पूरे विश्व में वर्ल्ड हियरिंग डे (World Hearing Day) मनाया जाता है. इस मौके पर हम कानों की सेहत से जुड़ी कुछ चीजों के बारे बता दे जिससे की आप सावधान हो जाए. हमारे अंदर सुनने की शक्ति इक ऐसी चीज है. जिसकी हमारे जीवन में बहुत  महत्वपूर्ण भूमिका है. तो आइये आज हम  विश्व श्रवण दिवस (World Hearing Day) पर कुछ ऐसी बातों को जानेंगे जो हमारी आदतों के बारे में जो हमारी सुनने की क्षमता को काफी हद तक प्रभावित करती हैं.      

हेल्थ डेस्क. हर साल 3 मार्च को पूरे विश्व में वर्ल्ड हियरिंग डे (World Hearing Day) मनाया जाता है. इस मौके पर हम कानों की सेहत से जुड़ी कुछ चीजों के बारे बता दे जिससे की आप सावधान हो जाए. हमारे अंदर सुनने की शक्ति इक ऐसी चीज है. जिसकी हमारे जीवन में बहुत  महत्वपूर्ण भूमिका है. तो आइये आज हम  विश्व श्रवण दिवस (World Hearing Day) पर कुछ ऐसी बातों को जानेंगे जो हमारी आदतों के बारे में जो हमारी सुनने की क्षमता को काफी हद तक प्रभावित करती हैं.

World Hearing Day

ईयरबड्स का ज्यादा इस्तेमाल ना करें 

कानों को साफ रखने के लिए ईयरबड्स का बहुत ज्यादा इस्तेमाल काफी खतरनाक साबित हो सकता है. कई बार नहाते वक्त कान में गए पानी को निकालने के लिए, तो कभी अंदर जमे वैक्स को निकालने के लिए हम ईयरबड्स का यूज करते हैं.  हर वक्त ईयरबड्स का यूज करना कानों की सेहत के लिए सही नहीं होता. हालांकि अपने कानों को साफ रखना अच्छी बात है. जिसके लिए आप दो या तीन महीनों में किसी हॉस्पिटल में जाकर अपने कानों की सफाई करवा सकते हैं. (World Hearing Day)

बहुत तेज म्यूज़िक सुनना

बहुत तेज म्यूजिक सुनने और ऑडियो डिवाइसेज़ के ज्यादा इस्तेमाल से कान के काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। तो इस बात का ध्यान रखें। कभी-कभार सुनने में कोई हर्ज नहीं लेकिन आप अक्सर ही लाउड म्यूज़िक सुनते हैं तो कुछ ही समय बाद आसपास की ध्वनियां धीमी लगने लगती हैं ऐसा महसूस किया होगा आपने। तो लगातार ऐसा करने से कब सुनने की क्षमता खत्म हो जाती है आपको पता भी नहीं चलेगा। (World Hearing Day)

कानों को सूखा न रखना

वातावरण में मौजूद नमी के साथ ही अगर आप भी कानों को अक्सर गीला रखते हैं तो इससे कान में फंगल इंफेक्शन (ऑटोमाइकोसिस) हो सकता है। वैसे ये समस्या ज्यादातर तैराकी करने वालों में देखने को मिलती है। इस रोग में कान की नलिका के बाहरी भाग में संक्रमण हो जाता है। संक्रमण की वजह एस्पर्गिलस व कैंडिडा नामक जीवाणु होते हैं जो नमी की वजह से तेजी से फैलने लगते हैं। (World Hearing Day)

यूक्रेन से सुरक्षित घर लौटी उत्तराखंड की बेटी, पिता ने पीएम केयर्स फंड में दिए 25 हजार

Related Articles

Back to top button