Uttarakhand Weather: झमाझम बारिश से भीगी मसूरी, छह जिलों में येलो अलर्ट, सैकड़ों रास्ते बंद

उत्तराखंड में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश आज भी अपना कहर दिखा रही है। आज दिन शुक्रवार को मसूरी में दिन की शुरुआत तेज...

देहरादून। उत्तराखंड में कई दिनों से लगातार हो रही बारिश आज भी अपना कहर दिखा रही है। आज दिन शुक्रवार को मसूरी में दिन की शुरुआत तेज बारिश के साथ हुई। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की बारिश हो रही है। वहीं, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, पौड़ी, नैनीताल जैसे जिलों में आने वाले 24 घंटे में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार नजर आ रहे है। भारी बारिश के मद्देनजर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी किया है। आईएमडी का कहना है कि सभी जिलों में जहां अधिकतर इलाकों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश की आशंका है। वहीं कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश स्तर तक की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 31 जुुलाई तक मैदान से लेकर पहाड़ तक झमाझम बारिश होगी।

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भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अफसरों को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा कि अगर आपदा प्रबंधन में लापरवाही की शिकायत आई तो संबंधित विभागों के अफसर जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मलबा आने की वजह से गंगोत्री हाईवे सुबह बंदरकोट में बंद हो गया। इसे आलावा बारिश की वजह से जगह-जगह सड़कों पर मलबा आने से 193 रास्ते बंद हो गए हैं।

उधर खटीमा में निर्माणाधीन मकान के क्षतिग्रस्त होने से मकान में दो लोग दब गए जबकि अल्मोड़ा जिले के छांतरिया रेंज कार्यालय पर चीड़ का पेड़ गिरने से एक सरकारी कार्यालय भवन का 50 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि निर्माण खंड गोचर में कर्णप्रयाग-सोनला मोटर मार्ग, निर्माण खंड पोखरी में रुद्रप्रयाग-पोखरी-गोपेश्वर, थराली में ग्वालदम-नंदकेसरी मोटर मार्ग, टिहरी में लंबगांव मोटना रजाखेत मोटर मार्ग, उत्तरकाशी में कमद-अयारखाल मार्ग, चिन्यालीसौड में सिलक्यारा बनगांव चापरा सरोट मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गया है जिससे स्थानीय लोगों समेत राहगीरों को भी परेशानी हो रही है। विभाग की तरफ से बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं ऊर्जा विभाग का कहना है कि पिथौरागढ़ जिले के हुनेरा गांव में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, जिसे सुचारु करने की कोशिश की जारी है। जल संस्थान के अफसरों ने बताया कि अब तक दैवीय आपदा से 600 से अधिक योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें से 599 योजनाओं में अस्थायी व्यवस्था के तहत पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी गई है बाकी को सुचारु करने का प्रयास जारी है। एसडीआरएफ की तरफ से बताया गया कि खटीमा में एक निर्माणाधीन मकान के क्षतिग्रस्त होने से दो लोग मलबे में दब गए और उनकी मौत हो गई।

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