Uttarakhand News: धान खरीद को लेकर सरकार के दिशा निर्देश जारी, मुख्य सचिव ने कहा कि…

(Uttarakhand News) मुख्य सचिव ने कहा है कि जिन स्थानों पर और धान क्रय केन्द्र खोलने की डिमाण्ड है वहां शीद्य्रता से खोले जाए। जहां पर बोरे अथवा धान क्रय से सम्बन्धित सामग्री इत्यादि की कोई जरूरत हो उनको तत्काल पूरा करें।

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देहरादून 22 सितंबर, उत्तराखंड (Uttarakhand News) के मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस. संधु की अध्यक्षता में उनके सचिवालय सभागार में 2021-22 के खरीफ सीजन में धान की खरीद के संबंध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों खाद्य विभाग, सहकारिता तथा सम्बन्धित पक्षों से धान की खरीद में आने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं, बाधाओं और व्यवहारिक कठिनाईयों के सम्बन्ध में सम्बन्धित स्टेक होल्डर(पक्षों) का पक्ष सुनने के पश्चात् विभागीय अधिकारियों तथा जिलाधिकारी ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार को धान की व्यवस्थित, पारदर्शी और शीद्य्रता से खरीद के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिये। (Uttarakhand News)

 Uttarakhand News - Chief Secretary Dr. S.S. Sandhu

क्रय केन्द्रो का संचालन करने वाले प्रबन्धकों को सख्त निर्देश (Uttarakhand News)

उन्होंने विभागीय अधिकारियों और क्रय केन्द्रो का संचालन करने वाले प्रबन्धकों को सख्त निर्देश दिये कि धान की खरीद में किसानों के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी अथवा किसानों का किसी भी प्रकार का शोषण बर्दाशत नहीं किया जाएगा। चीफ सेक्रेटरी ने निर्देश दिये कि किसानों से धान की व्यवस्थित और पारदर्शी खरीददारी में जो भी प्रबन्धन स्तर की, प्रशासनिक स्तर की तथा तकनीकी स्तर की कठिनाईया हैं, उनको तत्काल दूर करें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी। (Uttarakhand News)

किसानों के प्रत्येक वर्ष क्रय प्रक्रिया हेतु खोले खाते 

दिये गए निर्देश में मुख्य सचिव ने कहा है कि जिन स्थानों पर और धान क्रय केन्द्र खोलने की डिमाण्ड है वहां शीद्य्रता से खोले जाए। जहां पर बोरे अथवा धान क्रय से सम्बन्धित सामग्री इत्यादि की कोई जरूरत हो उनको तत्काल पूरा करें। विभागीय अधिकारियों ने जब मुख्य सचिव को अवगत कराया कि किसानों के प्रत्येक वर्ष क्रय प्रक्रिया हेतु खाते खोले और क्रय प्रक्रिया पूरी होने के तत्काल बाद बन्द हो जाते है तो इस पर मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि जिन किसानों से खरीददारी की जाती हैं, उन सभी का एक ही बार जीरो बैलेंस पर खाता खुलवायें तथा उसको बार-बार बंद ना करें बल्कि चलता रहने दें क्योंकि इससे अनावश्यक रूप से प्रक्रिया में देरी हो जाती है। (Uttarakhand News)

साथ ही किसान खाता खोलने, बंद करवाने में अनावश्यक परेशान होते हैं। उन्होंने सभी क्रय केन्द्रों पर 50 से 100 मॉस्चर(नमी) मीटर रिजर्व के रूप में रखने के निर्देश दिये। कहा कि जब तक क्रय केन्द्रों पर किसानों का धान आ रहा है तब तक उसको खरीदते रहें। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि विभागीय स्तर पर विभिन्न कार्यों में जो औपचारिकता और कार्य पहले किये जा सकते हैं उनको पहले से ही पूरा कर लें।

बिना किसी वाजिब कारण के हर एक कार्य को अन्तिम मूवमेंट के लिए पेंडिंग ना रखें, इसको गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिये कि सारी प्रक्रिया समय से पूरी हो, इसके लिए वार्षिक केलेण्डर बना लें और उसका अनुपालन करें। उन्होंने भुगतान की पहले की पेंडेंसी को तत्काल निपटाने तथा आगे से भुगतान से संबंधित प्रक्रिया को सरलीकृत करने तथा पोर्टल से सम्बन्धित जो भी तकनीकी समस्या है उसको भी तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। (Uttarakhand News)

शिकायत हो तो वे इन नम्बरों पर शिकायत कर सकते हैं (Uttarakhand News)

मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि प्रत्येक क्रय केन्द्रों और मण्डी के मुख्य द्वार पर अनिवार्य रूप से विजिबल आकर्षक साइन बोर्ड लगा होना चाहिए जिस पर स्पष्ट शब्दों में लिखा हो कि किसानों को यदि धान क्रय से संबंधी किसी भी तरह की शिकायत हो तो वे इन नम्बरों पर शिकायत कर सकते हैं। साथ ही सम्बन्धित जिलाधिकारी ये सुनिश्चित करेंगे कि शिकायत करने वाल नम्बर न केवल सक्रिय हो बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का तत्काल उचित निराकरण भी हो।

जिलाधिकारी उस पर खुद कॉल करते रहें। साथ ही यदि कोई किसान जिलाधिकारी अथवा संबंधित उप जिलाधिकारी के पास धान क्रय की उचित निस्तारण के संबंध में कोई शिकायत करता है तो उस पर अनिवार्य रूप से त्वरित व उचित कार्यवाही करनी ही होगी। इसके अतिरिक्त जहां तक संभव हो मण्डी अथवा क्रय केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाने तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को भी कहा। (Uttarakhand News)

वहीँ मुख्य सचिव ने जनपद ऊधमसिंहनगर के लिये धान क्रय के संबंध में निर्देश दिये कि ऊधमसिंहनगर में दिनांक 01 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक केवल उत्तराखण्ड के ही किसानों के धान की खरीद की जाएगी। उसके पश्चात् सम्बन्धित जिलाधिकारी अपने स्तर से इस तिथि को आगे बढ़ा सकते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य जनपदों के जिलाधिकारी अपने स्तर से अपने विवेक से ये सुनिश्चित करने को स्वतंत्र होंगे कि केवल उत्तराखण्ड के ही किसानों से कब तक खरीद करनी है तथा किस तिथि के बाद उत्तराखण्ड अथवा अन्य राज्यों के किसानों दोनों से खरीद की जा सकती है। (Uttarakhand News)

उत्तराखण्ड के किसानों को खरीद में वरियता मिले

उन्होंने यह भी कहा कि ये आवश्यक ध्यान रखा जाए कि उत्तराखण्ड के किसानों को खरीद में वरियता मिले। साथ ही उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वे समय-समय पर विभिन्न क्रय केन्दों का औचक निरीक्षण करके स्वयं व्यवस्थाएं देखें तथा अधीनस्थ अपर जिलाधिकारियों- उपजिलाधिकारियों सभी से एन्फोर्समेंट की कार्यवाही संपादित करवाते हुए सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तरह से किसानों के उपज को मॉस्चर(नमी) अथवा खराब बताकर अथवा घटतौली या बिचौलियों की भूमिका से या अन्य किसी भी तरह से किसानों के साथ धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जिलाधिकारी अपने स्तर पर विक्रय हेतु टोकन अथवा पर्ची सिस्टम जो भी उचित लगता हो प्रकिया अपना सकते हैं। (Uttarakhand News)

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