उफनाई नदियों में बहीं तीन महिलाएं, एक की मौत, दो लापता

मानसून के सीजन में देश के तमाम इलाकों के साथ ही उत्तराखंड में भी भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। यहां के कई जिलों में...

पिथौरागढ़ बागेश्वर। मानसून के सीजन में देश के तमाम इलाकों के साथ ही उत्तराखंड में भी भारी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। यहां के कई जिलों में बरसात की वजह से नदियां उफान पर हैं। राज्य में भारी वजह से उफनाई नदियां, भूस्लखलन और पहाड़ों से गिरते बोल्डर लोगों की जान ले रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुमाऊं में पिछले 24 घंटों में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाएं नदी में बह गईं।

flood in river

मिली जानकरी के मुताबिक पिथौरागढ़ के नाचनी भैंसखाल में एक बुजुर्ग महिला फिसलकर रामगंगा में जा गिरी। सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर पर महिला का शव बरामद किया। इधर, बागेश्वर में भी एक महिला ने सरयू नदी में छलांग लगा दी। ऐसे में उसे बचाने के लिए उसकी चाची भी नदी में कूद गई और दोनों ही तेज बहाव में बाह गई। पुलिस, एसडीआरएफ और दमकल की टीमें दोनों की तलाश में जुटी हैं।

पहली घटना में पिथौरागढ़ के नाचनी भैंसखाल की रहने वाली कौशल्या देवी (73) बीते शाम को रामगंगा नदी के निकट से जा रही थी तभी उनका पैर फिसल गया जिससे वह रामगंगा में गिर गई। घटन की खबर मिलते ही उनके पुत्र कुंदन राम ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। थानाध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल पर महिला की खोजबीन शुरू की। इसी बीच एक ग्रामीण ने घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नदी में शव दिखने की सूचना दी।

पुलिस ने जब मौके पर जाकर देखा तो ये शव कौशल्या देवी का निकला। दूसरी घटना बागेश्वर की है। यहां रविवार की दोपहर लगभग डेढ़ बजे स्याल डोबा की रहने वाली ज्योति (25) पुत्री शंकर दत्त पांडे ने बागेश्वर में विकास भवन के पास से सरयू नदी में छलांग लगा दी। इस पर उसकी चाची जीवंती देवी (42) पत्नी हरीश पांडेय भी उसे बचाने के लिए नदी में कूद गई और दोनों ही नदी के तेज बहाव में बह गई।

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