सावन माह शुरू, गाद की वजह से मुश्किल हुआ स्नान, गंगाजल का भी संकट

भगवान शिव का अतिप्रिय सावन का पवित्र महीना शुरू शुरू हो गया है। इसके साथ ही मां गंगा के जयकारों के साथ कांवड़ यात्रा का भी...

हरिद्वार ऋषिकेश। भगवान शिव का अतिप्रिय सावन का पवित्र महीना शुरू शुरू हो गया है। इसके साथ ही मां गंगा के जयकारों के साथ कांवड़ यात्रा का भी आगाज हो गया। हरिद्वार जिला प्रशासन की मानें तो पहले ही दिन लगभग चार लाख कावंड़ियों ने गंगा जल भरा और अपने गंतव्यों को रवाना हुए।

haridwar kavadiya crowd

दूसरी तरफ, गंगा में भारी मात्रा में गाद आने के चलते उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग ने हरकी पैड़ी की ओर से आने वाले गंगा जल को रोक दिया जिससे हरकी पैड़ी सहित अन्य गंगा घाटों पर गंगा जल का संकट उत्पन्न हो गया। ऐसे में स्नान करने हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूस होना पड़ा। हालांकि, शाम के समय गाद घटने के बाद भीमगोड़ा बैराज का गेट खोल दिया गया। बता दें कि हरकी पैड़ी पर जिला प्रशासन के अफसरों और श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को गंगा आरती की और गंगा मैया के जय उद्घोष के साथ कांवड़ मेले का शुभारंभ किया।

कांवड़ मेला सेल के प्रभारी बीएल भारती का दावा है कि सावन माह के पहले दिन चार लाख कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे और गंगाजल भरा। बताया जा रहा है कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश की वजह से गत बुधवार को हरिद्वार में गंगा में गाद की मात्रा 7960 पीपीएम के स्तर तक पहुंच गई थी। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग ने देर रात भीमगोड़ा बैराज से हरकी पैड़ी की तरफ से खुलने वाले चैनल को बंद कर दिया जिससे गुरुवार को हरकी पैड़ी सहित अन्य घाटों पर गंगाजल बेहद कम हो गया और गंगा स्नान करने आए तमाम कांवड़िये डुबकी लगाने से वंचित रह गए।

हालांकि बाद में सिल्ट की मात्रा कम होने पर शाम को भीमगोड़ा बैराज का गेट खोल दिया गया और गंगा जल की आपूर्ति सामान्य कर दी गई। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि शुक्रवार से पंचक लग जायेगा। यही वजह है कि गुरुवार को गंगाजल भरने के लिए कांवड़ियों की ज्यादा भीड़ रही। अब बीस जुलाई को पंचक खत्म होने के बाद एक बार फिर हरिद्वार में गंगाघाटों पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ सकती है

नीलकंठ मंदिर में पहुंचे 50 हजार कावड़िये

दावा किया जा रहा है कि कांवड़ यात्रा के पहले दिन ऋषिकेश के नीलकंठ मंदिर में लगभग 50 हजार कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में चार लाइन लगानी पड़ीं। उधर, ऋषिकेश-हरिद्वार हाईवे पर भी पैदल और वाहनों पर सवार कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है।

कावड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘मैं भगवान शिव से सभी श्रद्धालुओं की सुखद और मंगलमय कांवड़ यात्रा की प्रार्थना करता हूं। सभी कांवड़ियों से अपील है कि आजादी के 75वें वर्ष में मनाए जा रहे ‘अमृत महोत्सव’ के मौके पर राष्ट्रध्वज तिरंगे को भी सम्मानपूर्वक कांवड़ यात्रा में शामिल करें। इस यात्रा को पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित करते हुए देवभूमि की धरा पर एक पौधा लगाने का संकल्प लें।’

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