पंजाब: सुनील जाखड़ ने किया सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान, ये पांच बड़ी चुनौतियां हैं कांग्रेस के लिए

पंजाब: सुनील जाखड़ ने किया सक्रिय राजनीति छोड़ने का ऐलान, ये पांच बड़ी चुनौतियां हैं कांग्रेस के लिए

चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने सक्रिय राजनीति छोड़ने का एलान किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। कहा कि उन्होंने सक्रिय राजनीति छोड़ने का एलान किया है, कांग्रेस नहीं। बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में विधायकों की पहली पसंद सुनील जाखड़ ही थे, लेकिन अंबिका सोनी ने यह कहते हुए जाखड़ की राह में रोड़ा अटका दिया कि पंजाब में किसी सिख चेहरे को ही सीएम होना चाहिए।

पिछले कुछ समय से जाखड़ पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं, लेकिन कहीं न कहीं सीएम न बनने की कसक उनके मन में रही है। इस बार वह खुद चुनाव नहीं लड़ रहे। उनके भतीजे इस बार किस्मत अजमा रहे हैं। सुनील जाखड़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे बलराम जाखड़ के पुत्र हैं। बलराम जाखड़ केंद्र में कांग्रेस सरकार में कद्दावर मंत्री रहे हैं।

चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम फेस के रूप में आगे करने के लिए भी इस बार जाखड़ ने अहम भूमिका निभाई। राहुल के पंजाब दौरे के दौरान जाखड़ उनके साथ सारथी बनकर नजर आए। जाखड़ गाड़ी चला रहे थे तो राहुल आगे की सीट पर बैठे थे। पीछे सिद्धू व चन्नी दोनों बैठे थे। इससे पहले राहुल ने जाखड़ सहित सिद्धू व चन्नी से मंत्रणा की। मंच पर जाखड़ ने चन्नी को सीएम फेस बनाने की वकालत की। दो दिन पूर्व जाखड़ ने चन्नी के पक्ष में ट्वीट कर कहा था कि उन्हें एक मौका और मिलना चाहिए, क्योंकि सीएम के रूप में चन्नी को बहुत कम समय मिला है।जाखड़ ने आज फिर चरणजीत सिंह चन्नी के पक्ष में ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि विनम्र पृष्ठभूमि के व्यक्ति को मुख्यमंत्री पंजाब के रूप में नियुक्त करना राहुल गांधी का सबसे उत्कृष्ट निर्णय था। वह एक दृढ़ विश्वास व साहसी व्यक्ति हैं। कल राहुल ने फिर से चन्नी के चेहरे पर विश्वास जताया।वहीं, कांग्रेस ने भले ही चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम फेस के रूप में पेश कर दिया हो, लेकिन पार्टी के लिए अभी चुनौतियां कम नहीं हुई हैं। पार्टी के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू खुद को सीएम के रूप में पेश करते रहे हैं। सिद्धू भले ही कह रहे हों कि वह पार्टी के निर्णय के साथ हैं, लेकिन जिस तरह की उनकी आक्रामक शैली है यह पार्टी के वरिष्ठ नेता भी जानते हैं।

कांग्रेस के सामने पांच बड़ी चुनौतियां

चन्नी को सीएम फेस के रूप में पेश किए जाने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू क्या रुख अपनाते हैं। अगर सिद्धू नाराज रहे और चरणजीत सिंह चन्नी के साथ नहीं चले तो कांग्रेस को नुकसान हो सकता है।
नवजोत सिंह सिद्धू के अलावा उनके साथ चलने वाले और खुलकर उनकी मुखालफत करने वाले नेताओं को एक मंच पर लाना बड़ी चुनौती होगा।
कांग्रेस ने चन्नी को चेहरा घोषित कर भले ही एससी को खुश कर लिया हो, लेकिन जट्ट सिखों की नाराजगी दूर करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।
कांग्रेस के बागी पार्टी की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। बहुमत के लिए जरूरी 59 विधायकों की जीत के लिए एकजुटता दिखानी होगी।
चुनाव के लिए 13 दिन रह गए हैं। इस दौरान कांग्रेस को किसी नए बखेड़े से बचना होगा। अब पार्टी को प्रचार में तेजी दिखानी होगी।

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