कोयले की कमी से इन राज्यों में गहरा सकता है बिजली का संकट, ऊर्जा मंत्री ने की हाई लेवल बैठक

देश में एक बार फिर बिजली संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। महंगे हो रहे कोयले के आयात में कमी आने की वजह से देश के तीन...

नई दिल्ली। देश में एक बार फिर बिजली संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। महंगे हो रहे कोयले के आयात में कमी आने की वजह से देश के तीन राज्यों में बिजली का संकट पैदा हो सकता है। माना जा रहा है कि आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और राजस्थान के लोगों को आने वाले दिनों में बिजली की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने एक उच्चस्तरीय बैठक भी की है।

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ऊर्जा मंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि, ‘घबराने की जरूरत नहीं है, हम बिजली की मांग पूरी करेंगे।’ संघीय दिशानिर्देश अनुशंसा करते हैं कि बिजली संयंत्रों में औसतन कम से कम 24 दिनों का स्टॉक हो। गौरतलब है कि एक तरफ जहां देश के तीन राज्यों में बिजली संकट की आशंका जताई जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी का कहना है कि देश में कोयला उत्पादन बीते वित्त वर्ष 2021-22 में 8.5 फीसदी से बढ़कर 77.72 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। उनका यह बयान कोयले की कमी की खबरों की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग की वजह से कोयले की कमी का संकट पैदा हो गया है। कोयला मंत्री ने अपने एक बयान में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में देश के कोयला क्षेत्र ने रिकॉर्ड 77.72 करोड़ टन का उत्पादन हासिल किया। इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन 71.6 करोड़ टन रहा था।

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