Landslides: मौत का सबब बना रहे लगातार ढह रहे पहाड़, जरा सी चूक ले लेती है जान

मानसून के सीजन में हुई बरसातों में पहाड़ों को पूरी तरह से हिला का रख दिया है। आलम यह है कि यहां हर दिन भूस्खलन हो रहा है...

रुद्रप्रयाग। मानसून के सीजन में हुई बरसातों में पहाड़ों को पूरी तरह से हिला का रख दिया है। आलम यह है कि यहां हर दिन भूस्खलन हो रहा है और लोगों की जान ले रहा है। पहाड़ों के गिरने के कई वीडियोज भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही के वीडियो आया है जो छेनागाड़-बक्सीर मोटरमार्ग का है। इसमें बड़े बड़े पेड़ों के साथ एक पूरी की पूरी पहाड़ी टूटकर गिरती हुई नजर आ रही है। हालांकि ग़नीमत यह रही कि इस हादसे कोई हताहत नहीं हुआ जबकि रोड पर करीब कई लोग मौजूद थे।

Landslides

रुद्रप्रयाग ज़िले के दूरस्थ इलाके पूर्वी बांगर के एक दर्जन से अधिक गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले इस मार्ग पर पहाड़ी मलबा और एक साथ कई पेड़ गिरने से हड़कंप मच गया है। लोग जहां के तहां फंस गए हैं। कई गांवों का संपर्क भी ज़िला मुख्यालय से पूरी तरह से कट गया है। उधर चमोली ज़िले में घाट थराली मोटर मार्ग पर भी ऐसे ही एक भूस्खलन हुआ। यहां पर रास्ते से आ रही एक महिला ने भागकर अपनी जान बचाई। सामाजिक कार्यकर्ता नन्दन सिंह रावत बताते है कि कुछ देर पहले स्कूली बच्चे इस रास्ते से गुज़रे थे। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि उस समय यह घटना घटित हुई होती तो कितनी बड़ी अनहोनी हो जाती.

हाईवे पर बाल बाल बचे कांवड़ यात्री

उत्तरकाशी से भी भूस्खलन की खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि गंगोत्री हाईवे पर शुक्रवार की सुबह अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने लगे। उस समय कुछ कांवड़ यात्री उसी मार्ग पर थे, बस गनीमत ये थी कि वे घटनास्थल से कुछ दूरी पर थे जिससे बड़ा हादसा टल गया। बता दें कि इस समय बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री और चार धाम यात्री उत्तरकाशी समेत उत्तराखंड के कई पहाड़ी ज़िलों में पैदल यात्रा कर रहे हैं.। ऐसे में, इस तरह के भयानक भूस्खलन कभी भी किसी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं।

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