Kathgodam-Nainital हाईवे का किया जायेगा चौड़ीकरण, काटे जायेंगे इतने हजार पेड़

काठगोदाम से नैनीताल तक जाने वाली सड़क को टू लेन करने के लिए हरे पेड़ों को काटने का फैसला किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग...

नैनीताल। काठगोदाम से नैनीताल तक जाने वाली सड़क को टू लेन करने के लिए हरे पेड़ों को काटने का फैसला किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने गुरुग्राम की कंपनी के साथ मिलकर इस काम के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। दरअसल सड़क को 12 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इसके लिए 7231 पेड़ों को काटे जाने की बात की जा रही है।

अब एनएचएआई ने वन विभाग को पत्र लिखकर पेड़ों का मूल्यांकन करने को कहा है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाली बिजली और पानी की लाइनों को भी हटाने में आने वाले खर्च का प्रस्ताव तैयार करने के लिए उर्जा निगम और जल संस्थान को पत्र लिखा गया है। विभागीय अफसरों का कहना है कि अगले दो माह में प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली जाएगी और जल्द ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जायेगा।

बता दें कि पर्यटक नगरी होने की वजह से देश भर से हर साल लाखों लोग नैनीताल पहुंचते हैं। सड़क पतली होने के चलते पर्यटन सीजन में यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। मई और जून महीने में तो कई बार कई-कई किलोमीटर तक का लंबा जाम लग जाता है। इसी के मद्देनजर एनएचएआई ने काठगोदाम से नैनीताल तक की सड़क को 12 मीटर तक चौड़ा कर टू लेन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। ऐसे में अब प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जयपुर की कंपनी को सर्वे का काम सौंपा गया था लेकिन कंपनी सर्वे का काम बीच में ही छोड़ कर भाग गई।

इसके बाद गुरुग्राम की कंपनी को 2021 में सर्वे का काम दिया गया। गुरुग्राम की कंपनी ने सर्वे कर रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ही पेड़ों की गिनती की गई है। सड़क के चौड़ीकरण के लिए बांज, सुरई, मोरपंखी, पांगर, देवदार, कुकाट और काफल के पेड़ों को काटा आना है। पर्यावरण को बेहतर करने में सहायक इन प्रजाति के पेड़ों को आकार लेने में कम से कम 20 से 25 साल का समय लग जाता है। वहीं नैनीताल आने वाले पर्यटकों को भी इन प्रजातियों के जंगल आकर्षित करते हैं।

दोनों तरफ बनाई जाएंगी सोल्डर लाइन

बताया जा रहा है कि हाईवे के टू लेन बनने के बाद दोनों तरफ एक-एक मीटर की सोल्डर लाइन बनाई जाएगी। ये सोल्डर लाइन सफर के दौरान वाहन चालकों के पार्किंग और पैदल चलने वाले लोगों के इस्तेमाल के लिए होगी।

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