Kanwar Yatra समाप्त, हरिद्वार से 3.5 करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों ने उठाया गंगाजल

गुरु पूर्णिमा के एक दिन बाद यानी 14 जुलाई से शुरू हुई श्रावण मास की कांवड़ यात्रा गत दिवस यानी मंगलवार को शिवरात्रि पर शिवालयों में...

हरिद्वार। गुरु पूर्णिमा के एक दिन बाद यानी 14 जुलाई से शुरू हुई श्रावण मास की कांवड़ यात्रा गत दिवस यानी मंगलवार को शिवरात्रि पर शिवालयों में जलाभिषेक के साथ संपन्न हो गई। मंगलवार को भी लगभग 30 लाख शिवभक्तों ने हरिद्वार को गंगाजल उठाया और अपने प्रदेशों के लिए रवाना हुए।हरिद्वार प्रशासन के मुताबिक 13 दिनों तक चली इस कांवड़ यात्रा के दौरान करीब तीन करोड़ 80 लाख 70 हजार कांवड़ियों ने गंगाजल उठाया। यात्रा के सकुशल संपन्न होने पर जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय और एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने कांवड़ यात्रा में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को शाबाशी दी।

Kanwar Yatra 2022

बता दें कि 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व था। इसके अगले दिन14 जुलाई से कांवड़ यात्रा आरंभ हुई थी। 13 जुलाई की पूर्व संध्या से ही बड़ी संख्या में कांवड़िए हरिद्वार पहुंचने लगे थे। शासन-प्रशासन ने भी लगभग चार करोड़ कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की उम्मीद जताई थीऔर उसी हिसाब से व्यवस्थाएं भी की गई थी। हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक यातायात प्लान लागू किया गया था।

पैदल कांवड़ यात्रा तक तो दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर यातायात व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रही लेकिन जब 20 जुलाई से डाक कांवडियों का आवागमन शुरू तो 22 जुलाई से हाईवे के दोनों साइड कांवड़ियों का कब्जा रहा। इस दौरान दिन रात कांवड़ चलती रही और डीजे का शोर भी नहीं थमा। डाक कांवड़ के आखिरी तीन दिनों में चारों तरफ कांवड़ियों का सैलाब दिख रहा था। बैरागी कैंप से लेकर हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों और संपर्क मार्गों पर कांवड़िए ही कावड़िये नजर आए।

वीआईपी घाट पर भी पूरी तरह कांवड़ियों का कब्जा रहा। मंगलवार को शिवरात्रि के दिन शिवालयों पर जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हो गई। इससे प्रशासन और पुलिस ने रहत की सांस ली। बुधवार यानी आज से बाहरी जिलों से मेला ड्यूटी पर आई पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की वापसी भी शुरू हो गई है।

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