कलियुग है और लोग अब मतलब परस्त हो गए हैं: सीएम जयराम ठाकुर

कलियुग है और लोग अब मतलब परस्त हो गए हैं: सीएम जयराम ठाकुर

मंडी : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कलियुग है और लोग अब मतलब परस्त हो गए हैं. लोग विकास के नाम पर वोट न देकर कई प्रकार की बातों को गौर करते हैं. मंडी जिले के दौरे पर आए सीएम जयराम ठाकुर ने सिराज के बाखली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान सीएम ने सिराज के लोगों को आने वाले समय के लिए सचेत होने की नसीहत भी दी.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लाहौल स्पीति की जनता को साढ़े तीन हजार करोड़ की टनल की सौगात दी, लेकिन लाहौल स्पीति की जनता ने उपचुनावों के दौरान हमें क्या दिया. वे भलिभांति समझते हैं कि कितना भी विकास हो, आज के दौर में आपको विकास के नाम पर वोट नहीं पड़ेंगे, क्योंकि सतयुग का दौर गया, अब कलियुग हावी है.बाखली में आयोजित जनसभा में संबोधित करते सीएम जयराम ठाकुरमुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत राजा वीरभद्र सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि सीएम रहते हुए राजा वीरभद्र सिंह रोहडू में इतना विकास नहीं करवा पाए जितना जयराम ठाकुर ने सिराज में चार वर्षों में किया. वहीं, अपने संबोधन में सिराज की जनता से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्हें यहां आने की जरूरत न पड़े, इसके लिए घर तुम संभालो और प्रदेश मैं संभालूंगा.

बाखली में आयोजित जनसभा में सीएम जयराम ठाकुर व अन्यबाखली में आयोजित जनसभा में सीएम जयराम ठाकुर व अन्य उन्होंने कहा कि कौल सिंह कुछ दिन बाद कहेंगे कि रोप वे बनाने का सुझाव उनकी सरकार में आया या फिर कांग्रेस यहां पर पहले ही रोपवे बनवाना चाहती थी. इस तरह से कौल सिंह झूठ की राजनीति करते हैं, लेकिन उन्हें अब ऐसी राजनीति छोड़ देनी चाहिए. खासकर मंडी के सम्मान और जन भावना से कौल सिंह खिलवाड़ न करें, क्योंकि यह उन्हें भारी पड़ेगा.बाखली में आयोजित जनसभा में सीएम जयराम ठाकुर व अन्यबाखली में आयोजित जनसभा में सीएम जयराम ठाकुर व अन्यमुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि मंडी में मेडिकल यूनिवर्सिटी, प्रदेश यूनिवर्सिटी आदि विकास कांग्रेस नेताओं को नहीं दिखाई देता और वे झूठ बोलकर दुष्प्रचार करने में लगे हैं, जिसे जनता अब जान चुकी है. वहीं, सीएम ने इस दौरान आने वाले समय में बाखली पार्क को भी रोपवे से जोड़ने व पंडोह में जमीन मुहैया होने पर यहां कॉलेज खोलने की संभावना को तलाशने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने कई विकासात्मक घोषाणाएं भी की.

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