अफगानिस्तान पर गहराया भुखमरी का संकट, तालिबान ने अमेरिका से की ये बड़ी मांग

वर्ल्ड डेस्क. अफगानिस्तान (Afganistan) पर तालिबान के कब्जे के बाद देश के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जिसका असर अब साफ दिखाई देने लगा हैं। अफगानिस्तान (Afganistan) में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। तालिबान के कब्जे के बाद से ही दुनियाभर की निगाहें अफगानिस्तान (Afganistan) पर टिकीं हैं।

वर्ल्ड डेस्क. अफगानिस्तान (Afganistan) पर तालिबान के कब्जे के बाद देश के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जिसका असर अब साफ दिखाई देने लगा हैं। अफगानिस्तान (Afganistan) में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। तालिबान के कब्जे के बाद से ही दुनियाभर की निगाहें अफगानिस्तान (Afganistan) पर टिकीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (Amir Khan Muttaqi) ने अमेरिका से अफगानिस्तान (Afganistan) की केंद्रीय बैंक की संपत्ति को तुरंत जारी करने का आह्वान किया है। मुत्ताकी (Amir Khan Muttaqi) ने कहा कि अमेरिका अब अफगानिस्तान (Afganistan) के साथ युद्ध में शामिल नहीं है और अफगान संपत्ति को फ्रीज करने का उसका कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में संपत्ति को फ्रीज करने का क्या कारण है? यह संपत्ति इस्लामी अमीरात की नहीं बल्कि अफगानिस्तान (Afganistan) के लोगों की है। मुत्तकी (Amir Khan Muttaqi) ने सवाल किया कि अमेरिका ने हमारी संपत्ति को फ्रीज कर दिया और फिर हमसे कहा कि वह हमें मानवीय सहायता प्रदान करेगा। इसका क्या मतलब है?

वहीं इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि अफगानिस्तान (Afganistan) की संपत्ति को फ्रीज करने का असर गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे अफगानिस्तान (Afganistan) के लोगों पर पड़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषक तजर कक्कड़ का कहना है कि सर्दी को मौसम चल रहा है। लोग बहुत खराब स्थिति का सामना कर रहे हैं। बच्चों की हालत गंभीर है। दुनिया को अफगानिस्तान (Afganistan) के लोगों के बारे में सोचना चाहिए।

अफगानिस्तान (Afganistan) में मानवीय स्थिति बिगड़ती जा रही है और इसके साथ ही तालिबान के देश पर नियंत्रण करने के बाद से सुरक्षा की स्थिति और खराब हो गई है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि जब तक अफगानिस्तान (Afganistan) को तत्काल मानविय सहायता नहीं पहुंचाई जाएगी, तबतक लाखों अफगान नागरिकों को इस सर्दियों में भुखमरी का सामना करना पड़ेगा। WFP के अनुसार हालात ज्लद नहीं सुधरें तो लगभग 23 मिलियन (2.3 करोड़) लोग या अफगानिस्तान (Afganistan) की आधी आबादी के अधिक लोगों को अगले साल मार्च तक खाद्य असुरक्षा के आपातकालीन स्तरों का सामना करना पड़ सकता है।

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