अखिलेश यादव ने किया भगवान परशुराम की मूर्ति का अनावरण, बोले- सपा सरकार में ब्राह्मणों को मिलेगा न्याय

लखनऊ. सपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गोसाईंगज के पास स्थित महुराकलां गांव में भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना के साथ आरती की। इस दौरान मंदिर में उपस्थित साधु-संतो ने अखिलेश यादव का तिलक कर विजयी होने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे और समाजवादी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा।

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लखनऊ. सपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के गोसाईंगज के पास स्थित महुराकलां गांव में भगवान परशुराम मंदिर में पूजा अर्चना के साथ आरती की। इस दौरान मंदिर में उपस्थित साधु-संतो ने अखिलेश यादव का तिलक कर विजयी होने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ही प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे और समाजवादी पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलेगा।

मंदिर परिसर में रंगीन रंगोली जहां अपनी छटा बिखेर रही थी वहीं शंखध्वनि, वेदमंत्रोच्चार और डमरूवादन से वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया था। इस अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से आए ब्राह्मणों के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में स्त्री-पुरूष और बच्चे भी अपने अखिलेश यादव को देखने के लिए एकत्र थे। मंदिर तक उनके समाजवादी विजय रथ यात्रा के आगे बग्घियां चल रही थी।

परशुराम भगवान की जय और नमः शिवाय के नारों के बीच अखिलेश यादव ने परशुराम मंदिर में पूजा और आरती की। उन पर फूलों की वर्षा की गई। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय, के साथ कार्यक्रम के मुख्य आयोजक संतोष पाण्डेय मौजूद थे। इनके साथ अखिलेश यादव ने 68 फिट ऊंचे भगवान परशुराम के फरसे को भी पुष्पांजलि अर्पित की तथा आरती की। अपनी ऊंचाई से रोशनी बिखेरता फरसा सबका ध्यान आकर्षित कर रहा था।

मंदिर के भव्य कार्यक्रम में जहां काशी के डमरू दल के 101 युवा डमरू ध्वनि कर रहे थे वहीं काशी, मथुरा, अयोध्या और प्रयागराज से आए साधु संतगण, मंत्रोच्चार कर रहे थे। 551 वेद पाठी ब्राह्मण अलग वैदिक मंत्रोच्चार कर रहे थे। साथ ही शंखध्वनि से वातावरण गुंजित था।

पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय ने विशाल परिसर में स्थित मंदिर में साढ़े सात कुंतल की भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की है। कांसे की इस मूर्ति को जयपुर के मूर्तिकारों ने बनाया है। मंदिर परिसर में पीली पताकाएं फहरा रही थी। 68 फिट का फरसा लखनऊ-कलकत्ता में बना है। पूरे परिसर में लगी होर्डिंगों में ‘‘ब्राह्मण का संकल्प अखिलेश ही विकल्प‘‘ लोगों के मानस में घर कर गया।

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