यूपी में होने वाली इंस्पेक्टर भर्ती के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, जानिए क्या है पूरा मामला-सफलता.

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यूपी में होने वाली इंस्पेक्टर भर्ती के अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने दिया बड़ा झटका, जानिए क्या है पूरा मामला-सफलता

हाल ही के दिनों में आयोजित की गई यूपी एसआई और एएसआई के 609 पदों में होने वाली भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कराए जाने में काफी लंबे समय से असमंजस की स्तिथि बनी हुई थी। क्योंकि इस भर्ती में कन्यूटर ज्ञान यानि आवेदन करने के लिए कंप्यूटर की डिग्री या डिप्लोमा को लेकर काफी दिनों से विवाद इलाहाबाद हईकोर्ट की खंडपीठ लखनऊ कोर्ट में चल रहा था। इस मामले में सुनवाई करते हुए लखनऊ हाईकोर्ट ने अब अपना फैसला सुना दिया है जिसके बाद से इस भर्ती में आवेदन करने वाले हजारों प्रतिभागियों को काफी बड़ा झटका लगा है। आईए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला लेकिन उससे पहले अगर आपको किसी भी जल्द ही होने वाली किसी प्रतियोगी परीक्षा का रिवीजन करना है या अपनी तैयारी पक्की ककरना चाहते हैं तो अभी सफलता द्वारा उपलब्ध कराई जा रही UP Police कोर्स या मॉक टेस्ट ज्वॉइन कर सकते हैं।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला 

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एसआई और एएसआई के 609 पदों पर भर्ती मामले में कहा है कि इस परीक्षा में वही अभ्यर्थी बैठने के योग्य थे, जिनके पास डुएक/एनआईईएलआईटी का ‘ओ’ लेवल सर्टिफिकेट था। इसके साथ कोर्ट ने बीटेक, बीएससी (कम्प्यूटर साइंस) और बीसीए करने वाले अभ्यर्थियों को भी मौका देने का एकल पीठ का आदेश खारिज कर दिया है।

खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल विशेष अपीलों पर आदेश पारित किया। 26 मार्च 2021 को एकल पीठ ने एसआई-एएसआई के 609 पदों पर भर्ती मामले में 2016 के बावत सैकड़ों अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर आदेश दिया था कि याचीगण ने जो कोर्स किए हैं, ‘ओ’ लेवल उन कोर्सेज का एक भाग है, लिहाजा पुनर्विचार किया जाए।

याचियों का कहना था कि भर्ती विज्ञापन में ‘ओ’ लेवल की शैक्षिक योग्यता मांगी गई थी, जबकि याचीगण बीटेक, बीएससी (कम्प्यूटर साइंस) और बीसीए की डिग्री ले चुके हैं। आदेश खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा  2016 के तत्कालीन नियम डुएक/ एनआईईएलआईटी से ‘ओ’ लेवल सर्टिफिकेट पाने वाले अभ्यर्थी ही इस परीक्षा के लिए योग्य थे।

 

 

 

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