बिजली बिल के भुगतान का बदलेगा तरीका , 2025 तक देशभर में लगेंगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर.

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विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) ने गुरुवार को सरकारी कार्यालयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों सहित अन्य में मौजूदा बिजली के मीटरों को पूर्व भुगतान सुविधा वाले स्मार्ट मीटरों से बदलने की समयसीमा जारी कर दी. विद्युत मंत्रालय ने कहा है कि ब्लॉक स्तर और उससे ऊपर के सभी सरकारी कार्यालयों, सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को दिसंबर 2023 तक स्मार्ट मीटर के जरिये बिजली की आपूर्ति की जानी चाहिये.

मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में सभी उपभोक्ताओं (कृषि उपयोगकर्ताओं के अलावा) को पूर्व भुगतान या प्री-पेड मोड में काम करने वाले स्मार्ट मीटर के साथ बिजली की आपूर्ति की जाएगी. सभी केंद्र शासित क्षेत्रों, 2019-20 में 15 प्रतिशत से ज्यादा एटी एंड सी (कुल तकनीकी और वाणिज्यिक) नुकसान वाले शहरी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं वाले विद्युत प्रभागों, वित्त वर्ष 2019-20 में 25 प्रतिशत से ज्यादा एटी एंड सी नुकसान वाले अन्य विद्युत प्रभागों, सभी प्रखंड और उससे ऊपर के स्तर के सरकारी कार्यालयों तथा सभी औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को दिसंबर 2023 तक स्मार्ट मीटर से जोड़ा जाएगा.

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, ‘अन्य सभी क्षेत्रों को मार्च 2025 तक पूर्व भुगतान मोड वाले स्मार्ट मीटरों से मीटरीकृत किया जाएगा. परंतु कि ऐसे क्षेत्रों में जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं, संबंधित राज्य विद्युत विनियामक आयोग के द्वारा, पूर्व भुगतान मीटरों के अधिष्ठापन (Installation) की अनुमति दी जा सकेगी.’

सरकारी विभागों के लिए भी निर्देश

बीते हफ्ते ही विद्युत मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों को एडवाइजरी जारी की थी. इसमें मंत्रालयों के आधीन सभी संस्थानों के मीटर को प्रीपेड स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर में बदलने के निर्देश दिए गए थे. एडवाइजरी में बताय गया था कि सभी सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटरिंग के जरिए DISCOMs को भी फायदा होगा और ऊर्जा की बचत भी हो सकेगी. साथ ही यह बिजली की प्री-पेमेंट व्यवस्था को बढ़ाने के रूप में काम करेगा. DISCOMs को आमतौर पर सबसे जरूरी और पावर सेक्टर वेल्यू चेन की सबसे कमजोर कड़ी माना जाता है.

 

 

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